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Yuvao se PUC-1st Year/Summary/Qustion & Answer /Karnataka State Board (युवाओं से ..भावार्थ/Solutions)

                                                                             युवाओं से

                                                                                        स्वामी विवेकानंद

लेखक का परिचय : 

* स्वामी विवेकानंद का जन्म १२ जनवरी १९६३ में कलकत्ता में हुआ।

* आपका बचपन का नाम नरेंद्रनाथ था।

* पिताजी का नाम - विश्वनाथ दत्त

* माताजी का नाम -  भुवनेश्वरी देवी 

* आप भक्ति और वेदांत में रुचि रखते थे।

* गुरु का नाम -  श्री रामकृष्ण परमहंस था।

* १८९३ में अमेरिका के शिकागो शहर में सर्वधर्म सम्मेलन में भाषण दिया।

* आपकी मृत्यु - ४ जुलाई १९०२ में हुई।

प्रमुख रचनाएँ :

* कर्मयोग, भगवान कृष्ण और भगवदगीता, मरणोत्तर जीवन, मेरे गुरुदेव आदि।

भावार्थ : 

* ‘युवाओं से’ इस पाठ द्वारा स्वामी विवेकानंद जी देश के युवाओं को मार्गदर्शन करते हैं। देश का विकास और उद्धार तभी होगा जब देश का युवक आगे आएगा। उनका विश्वास नवयुवकों पर था इसलिए वे अपने युवा कार्यकर्ताओं का चयन करके पूरे भारत वर्ष में उनका विस्तार करना चाहते हैं। विवेकानंद भारतवर्ष का पुनरुत्थान आत्मा की शक्ति द्वारा करने पर विश्वास रखते हैं। वे शांति और प्रेम के दृश्यों से भारत को महान एवं नवयौवनपूर्ण रुप में देखना चाहते हैं। उनका देखते हैं कि निद्रिस्त भारत-भूमि अब जागने लगी है। उसे कोई कोई अब बाहरी शक्ति दबा नहीं सकती।

भारत के सभी लोग जैसे किसान, मछुआ, मोची आदि। अलग-अलग जगह से एक नवीन भारत बनाने के लिए निकल पड़े हैं। स्वामी विवेकानंद जी कहना है कि अगर भारत मर जाएगा मतलब भारत का अस्तीत्व गुलामी में जकड़कर रह जाएगा तो संसार से सारी आध्यात्मिकता खत्म हो जाएगी। सदाचारपूर्ण आदर्श जीवन का नाश हो जाएगा। धर्मों के प्रति सहानुभूति नष्ट हो जाएगी और कामरुपी देव और विलासितारुपी देवी राज्य करेगी। भारत की महान संस्कृति से ही दुनिया में आदर्शवादी विचारधारा बहती है। 

भारत के राष्ट्रीय आदर्श हैं : त्याग और सेवा। दूसरों के बारे में सोचने तथा उनकी सेवा करने से भीतर की शक्ति जाग उठती है और हृदय में सिंह के जैसे बल आ जाता है। स्वामी जी का मानना है कि वही व्यक्ति उत्तम रुप से कार्य करता है जो निस्वार्थी है। जो ना धन की लालसा रखता है, ना कीर्ति की और ना ही किसी अन्य वस्तु की। जो मनुष्य निस्वार्थ भाव से चलेगा वह बुद्ध बन जाएगा।

I. एक शब्द या वाक्यांश या वाक्य में उत्तर लिखिए:

१. स्वामी विवेकानंद का विश्वास किन पर है?

उतर : स्वामी विवेकानंद का विश्वास नवयुवकों पर है।

२. स्वामी विवेकानंद के अनुसार भारत के राष्ट्रीय आदर्श क्या हैं?

उतर : स्वामी विवेकानंद के अनुसार भारत के राष्ट्रीय आदर्श त्याग और सेवा हैं।

३. कौन सबकी अपेक्षा उत्तम रुप से कार्य करता है?

उतर : निस्वार्थी व्यक्ति सबकी अपेक्षा उत्तम रुप से कार्य करता है।

४. किस शक्ति के सामने सब शक्तियाँ दब जाएँगी?

उतर : इच्छा शक्ति के सामने सब शक्तियाँ दब जाएँगी।

५. असंभव को संभव बनाने वाली चीज़ क्या है?

उतर : असंभव को संभव बनाने  वाली चीज़ प्रेम है।

६. जो अपने आप में विश्वास नहीं करता, वह क्या है?

उतर : जो अपने आप में विश्वास नहीं करता, वह नास्तिक है।

७. कमज़ोरी किसके समान है?

उतर : कमज़ोरी मृत्यु के समान है।

८. सबसे पहले हमारे तरुणों को क्या बनना चाहिए?

उतर : सबसे पहले हमारे तरुणों को मज़बूत बनना चाहिए।

९. प्रत्येक आत्मा क्या है?

उतर : प्रत्येक आत्मा अव्यक्त ब्रह्म है।

१०. नवयुवकों किसकी तरह सहनशील होना चाहिए?

उतर : नवयुवकों को पृथ्वी की तरह सहनशील होना चाहिए।







 












 

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