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Alankar Vyakaran Easy and Tricky Notes अलंकार व्याकरण सरल

                                                                                  अलंकार अलंकार: काव्य की शोभा बढ़ाने वाले 'गहने' परिभाषा: जिस तरह एक सुंदर स्त्री अपनी सुंदरता बढ़ाने के लिए आभूषणों (गहनों) का प्रयोग करती है, ठीक उसी तरह भाषा को सुंदर, असरदार और चमत्कारी बनाने के लिए 'अलंकारों' का सहारा लिया जाता है। सीधा सा मतलब है— काव्य की सुंदरता बढ़ाने वाले तत्व ही अलंकार हैं। अलंकार के मुख्य प्रकार  मुख्यतः अलंकार के दो बड़े भेद होते हैं (तीसरा 'उभयालंकार' होता है, पर परीक्षा के लिए ये दो सबसे खास हैं): शब्दालंकार: जहाँ शब्दों के प्रयोग से काव्य में चमत्कार आए। अर्थालंकार: जहाँ शब्दों के 'अर्थ' से सुंदरता पैदा हो। १. शब्दालंकार (जहाँ शब्दों का खेल हो)     इसमें तीन सबसे महत्वपूर्ण अलंकार हैं: (क) अनुप्रास अलंकार (वर्णों की बा...

Todti Patthar PUC-1st year Sahitya vaibhav Karnataka state Board Summary/ Question Answers (तोड़ती पत्थर सरल भावार्थ )

                                                                             तोड़ती पत्थर                                                                                                सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' जन्म और प्रारंभिक जीवन:   निराला जी का जन्म सन् १८९६ ई. में बंगाल के महिषादल राज्य (मेदिनीपुर) में हुआ था। उनका बचपन सुखद नहीं रहा; अल्पायु में ही माता का साया सिर से उठ गया और बाद में पत्नी व पिता के असामयिक निधन ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। गरीबी, सामाजिक तिरस्कार और अ...

Bharat ki Dharati PUC 2nd year Sahitya Vaibhav Karnataka state board/ Summary/ Question & Answer ( भारत की धरती सरल भावार्थ )

                                                                              भारत की धरती                                                                                               डॉ. पुण्यमचन्द 'मानव' जन्म :   डॉ. 'मानव' का जन्म २४ फरवरी १९३२ को हरियाणा के भिवानी जिले में हुआ था।   कार्यक्षेत्र और उपलब्धियाँ: उन्होंने १९५४ से १९६४ तक भिवानी के वैश्य हायर सेकेंडरी स्कूल में सेवाएँ दीं। इसके बाद, वे १९६४ से १९८९ तक बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में हिंदी प्...

Raskhan Ke Savaiye PUC-1st year Sahitya vaibhav Karnataka state board/ Summary/ Question & Answer (रसखान के सवैये सरल भावार्थ )

                                                                                  रसखान के सवैये कवि परिचय: * जन्म और नाम:   * इनका जन्म सन् १५४८ के करीब दिल्ली के एक संपन्न पठान परिवार में हुआ था। इनका असली नाम 'सैयद इब्राहिम' था। * मुस्लिम धर्म में पैदा होने के बावजूद, भगवान कृष्ण के प्रति इनकी दीवानगी ऐसी थी कि इन्होंने अपना पूरा जीवन ब्रज में ही बिता दिया। * इन्होंने गोस्वामी विट्ठलनाथ जी से भक्ति की शिक्षा ली और 'वल्लभ संप्रदाय' के अनुयायी बन गए। * प्रमुख रचनाएँ:     'सुजान-रसखान' और 'प्रेमवाटिका' * मृत्यु:   सन् १६२८ में इनकी जीवन-लीला समाप्त हुई, लेकिन उनकी कविताएँ आज भी अमर हैं। कविता का सारांश : मानुष हों,  तो वही रसखानि बसौ ब्रज गोकुल गाँव के ग्वारन। जो पसु हों, तो कहा बसु मेरो, चरौ नित नंद की धेनु मँझारन॥ पाह...

Sharan Vachanamrut- Allamprabhu Basaveshwar Akkmahadevi PUC-1st year Sahitya vaibhav Karnataka state board/ Summary/ Question & Answer (शरण वचनामृत सरल भावार्थ )

                                                        शरण वचनामृत   १. अल्लमप्रभु (अध्यात्म योगी) अल्लमप्रभु १२वीं सदी के महान शिवशरणों में सबसे ऊपर माने जाते हैं। उनका जीवन वैराग्य और ज्ञान का अद्भुत संगम है। पद/स्थान: आप 'अनुभव मंटप' (संसार की पहली आध्यात्मिक संसद) के प्रथम अध्यक्ष थे। व्यक्तित्व: आपको 'वैराग्य मूर्ति' कहा जाता है। उन्होंने कर्म, भक्ति और ज्ञान के मार्ग का प्रचार किया। साहित्यिक स्रोत: उनके जीवन के बारे में 'हरिहर' की रचना 'प्रभुदेव रगळे' और चामरस की 'प्रभुलिंग लीले' से जानकारी मिलती है। मुख्य दर्शन: उन्होंने माया को त्यागकर शून्य (परमात्मा) में विलीन होने का मार्ग दिखाया। २. महात्मा बसवेश्वर (विश्वज्योति) महात्मा बसवेश्वर न केवल एक भक्त थे, बल्कि एक महान समाज सुधारक भी थे जिन्होंने समाज में समानता की नींव रखी। जन्म: इनका जन्म कर्नाटक के बीजापुर जिले के इंगळेश्वर-बागेवाड़ी गाँव में एक ब्र...

Ek Vriksh ki Hatya PUC 2nd year (Sahitya Gaurav) Karnataka Board/Summary/Question & Answer ( एक वृक्ष की हत्या ...सारांश व प्रश्नोंत्तर)

                                                                                          एक वृक्ष की हत्या                                                                                                                     कुँवर नारायण कवि परिचय : जीवन एवं शिक्षा:   हिंदी साहित्य के शिखर पुरुष कुँवर नारायण जी का जन्म 19 सितंबर 1927 को उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में हुआ था। उन्हो...