Parvat Pradaesh me Pavas/Class 10 /NCERT/Question Bank as per CBSE board Pattern (पर्वत प्रदेश में पावस/Class 10 /NCERT/Question Bank as per CBSE board Pattern (कबीर की साखी... महत्वपूर्ण प्रश्नोंत्तर/Test Paper ) ... महत्वपूर्ण प्रश्नोंत्तर/Test Paper )
पर्वत प्रदेश में पावस (Question Bank)
नोट -
* बोर्ड परीक्षा में ‘पर्वत प्रदेश में पावस’ पर सिर्फ़ १ या २ अंकों के लिए प्रश्न पूछे जाते हैं इसलिए लंबे उत्तर लिखने की कोशिश करने की जरुरत नहीं है।
* पर्वत प्रदेश में पावस पर पठीत पद्यांश भी दिया जा सकता है जिसके ऊपर ५ अंकों के लिए बहुपर्यायी प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
* बोर्ड परीक्षा पेपर को ध्यान में रखकर यह प्रश्न बनाये गए हैं।
1. बहुपर्यायी प्रश्न या एक वाक्य में उत्तर लिखें। (एक अंक के लिए पूछे जाने वाले प्रश्न)
१. सुमित्रानंदन पंत को किस उपनाम से जाना जाता है?
उत्तर : सुमित्रानंदन पंत को ‘प्रकृति का सुकुमार’ कवि इस उपनाम से जाना जाता है।
२. सुमित्रानंदन पंत का जन्म कहाँ हुआ?
उत्तर : सुमित्रानंदन पंत का जन्म उत्तराखंड के कौसानी-अलमोड़ा में हुआ।
३. सुमित्रानंदन पंत जी की कविताओं में अधिकतर किसका वर्णन देखने मिलता है?
उत्तर : सुमित्रानंदन पंत जी की कविताओं में प्रकृति का सुंदर वर्णन किया देखने मिलता है।
४. सुमित्रानंदन पंत को साहित्य का कौन-सा सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्राप्त हुआ?
उत्तर : सुमित्रानंदन पंत को साहित्य का सर्वश्रेष्ठ ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ।
५. हिंदी भाषा का पहला ज्ञानपीठ पुरस्कार किन्हें प्राप्त हुआ?
उत्तर : हिंदी भाषा का पहला ज्ञानपीठ पुरस्कार सुमित्रानंदन पंत को प्राप्त हुआ।
६. सुमित्रानंदन पंत की कौन-सी रचना के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ?
उत्तर : सुमित्रानंदन पंत की ‘चिदंबरा’ इस रचना के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ।
७. कविता में कहाँ की सुंदरता का वर्णन किया गया है?
उत्तर : कविता में पर्वतीय प्रदेश की सुंदरता का वर्णन किया गया है।
८. पर्वतीय प्रदेश में बदलते दृश्यों को देखकर कवि को कैसा प्रतीत हो रहा है?
उत्तर : पर्वतीय प्रदेश में बदलते दृश्यों को देखकर कवि को ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो प्रकृति पल-पल में वेश परिधान कर रही हैं।
९. कवि को पर्वत की आँखों जैसे क्या प्रतीत हो रहा है?
उत्तर : कवि को पर्वत की आँखों जैसे पर्वत पर खिले हज़ारों फ़ूल प्रतीत हो रहे हैं।
१०. तालाब कहाँ पला है?
उत्तर : तालाब पर्वत की चरणों में पला है।
११. कवि ने तालाब की तुलना किसके साथ की है?
उत्तर : कवि ने तालाब की तुलना दर्पण के साथ की है।
१२. निर्झर किसका गौरव गीत गा रहे हैं?
उत्तर: निर्झर पर्वत की महानता का गौरव गीत गा रहे हैं।
१३. कवि केमद-मद में किस बात से मस्ती उत्तेजीत होती है?
उत्तर : कवि के मद-मद में गिरि का गौरव गीत सुनकर मस्ती उत्तेजीत होती है।
१४. झरने किसके समान दिख रहे हैं?
उत्तर : झरने मोतियों की लड़ियों के समान दिख रहे हैं।
१५. शाल के वृक्ष कहाँ उठे हुए देखने मिल रहे हैं?
उत्तर : शाल के वृक्ष गिरिवर के हृदय पर उठे हुए देखने मिल रहे हैं।
१६. शाल के वृक्ष आसमान की ओर क्यों झाँक रहे हैं?
उत्तर : उच्चकांक्षा के कारण शाल के वृक्ष आसमान की ओर झाँक रहे हैं।
१७. शाल के ऊँचे पेड़ शांत आसमान की ओर कैसे देख रहे हैं?
उत्तर : शाल ले ऊँचे पेड़ शांत आसमान की ओर अनिमेष. अटल और चिंता से देख रहे हैं।
१८. पर्वत कैसे पंख लगाकर उड़ गया?
उत्तर : पर्वत पारद के पर या चमकीले पंख लगाकर उड़गया।
१९. भूधर उड़ जाने पर क्या शेष रह जाता है?
उत्तर : भूधर उड़ जाने पर रव-शेष या बहते पानी की आवाज़ रह गई है।
२०. धरा में भय से कौन धँस गए हैं?
उत्तर : धरा में भय से शाल के पेड़ धँस गए हैं।
२१. तालाब से किस कारण से धुआँ उठ रहा है?
उत्तर : तालाब में आग लगने से धुआँ उठ रहा है।
२२. बरसात का देवता कौन हैं?
उत्तर : बरसात के देवता इंद्रदेव हैं।
२३. इंद्रदेव कौन-से विमान में बैठकर अपनी जादू दिखा रहे हैं?
उत्तर : इंद्रदेव बादल रुपी विमान में बैठकर अपनी जादू दिखा रहे हैंं।
2. दो तीन वाक्यों में उत्तर लिखें। ( दो अंक के लिए पूछे जाने वाले प्रश्न)
१. कविता के अनुसार पर्वतीय प्रदेश में कौन-कौन-से दृश्य देखने मिलते हैं?
उत्तर : कविता के अनुसार पर्वतीय प्रदेश में चारों ओर पानी भरा देखने मिलता है। सारी धरती बारिश से गिली हुई देखने मिलती है। पर्वतों से बहते झाग से भरे झरने बहुत ही मनमोहक लगते हैं। झरनों की आवाज़ संगीत की तरह सुनाई देती है। पर्वत पर रंग-बिरंगे फ़ूल पर्वत को और भी शुशोभीत कर रहे हैं। पानी से भरे तालाब आइने के समान प्रतीत हो रहे हैं। आसमान को छुते ऊँचे-ऊँचे पेड़ पर्वत के हृदय पर उग आए हैं। पर्वत के आस-पास का प्रदेश कोहरे से धुआँ-धुआँ-सा हो गया है।
२. सुमित्रानंदन पंत जी को प्रकृति का सुकुमार कवि क्यों कहा जाता है?
उत्तर: सुमित्रानंदन पंत जी को प्रकृति का सुकुमार कवि कहा जाता है क्योंकि उन्होंने अपनी अधिकांश कविताओं में प्रकृति के मनोरम दृश्यों का वर्णन किया है। उनकी कविता में पर्वतीय प्रदेश में ऊँचे-ऊँचे पेड़, पानी से भरे तालाब, सुंदर फ़ूल, बर्फ़िली पहाड़ियाँ, बहते झरने आसमान में घिरे बादलों का सजीव वर्णन देखने मिलता है। प्राकृतिक घटकों को मनुष्य के रुप में प्रकट करने के लिए मानवीकरण अंलकार का प्रयोग किया है।
३. कवि ने ऐसे क्यों कहा है कि पर्वत अपने महाकार को तालाब में देख रहा है?
उत्तर : पर्वत अपने महाकार को तालाब में देख रहा है क्योंकि तालाब का पानी दर्पण के समान साफ़-सुथरा, स्वच्छ है। पर्वत का आकार तालाब में प्रतिबिंबित होने से कवि ने ऐसी कल्पना की है कि तालाब अपना रुप तालाब में देख रहा है। जैसे मनुष्य अपने रुप को आइने में निहारता है ठीक वैसे ही पर्वत अपना प्रतिबिंब तालाब के पानी में देख रहा है।
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